गोमुखासन – Gomukhasana in hindi – Ramdev Yoga

Gomukhasana

विवरण :
इस आसन में व्यक्ति की आकृति गाय के मुख के समान बन जाती है इसीलिए इसे गोमुखासन कहते हैं।

विधि :
पहले दोनों पैरों को सामने सीधे एड़ी-पंजों को मिलाकर बैठे।
अब बाएं पैर को मोड़कर एड़ी को दाएं नितम्ब के पास रखें।
दाहिने पैर को मोड़कर बाएं पैर के ऊपर एक दूसरे से स्पर्श करते हुए रखें।
इस स्थिति में दोनों जंघाएं एक-दूसरे के ऊपर रखी जाएगी जो त्रिकोणाकार नजर आती है।
फिर श्वास भरते हुए दाहिने हाथ को ऊपर उठाकर दाहिने कंधे को ऊपर खींचते हुए हाथ को पीछे पीठ की ओर ले जाएं |
बाएं हाथ को पेट के पास से पीठ के पीछे से लेकर दाहिने हाथ के पंजें को पकड़े।
गर्दन व कमर सीधी रखें।
जब तक आराम से रहा जा सकता है तब तक रहें।
धीरे- धीरे श्वास छोड़ते हुए हाथों को खोल दें और पुन: दंडासन की स्थिति में आ जाएं।

लाभ :
इससे हाथ-पैर की मांसपेशियां चुस्त और मजबूत बनती है।
तनाव दूर होता है।
कंधे और गर्दन की अकड़न को दूर कर कमर, पीठ दर्द आदि में भी लाभदायक।
छाती को चौड़ा कर फेफड़ों की शक्ति को बढ़ाता है जिससे श्वास संबंधी रोग में लाभ मिलता है।

सावधानी :
हाथ, पैर और रीढ़ की हड्डी में कोई गंभीर रोग हो तो यह आसन न करें।
जबरदस्ती पीठ के पीछे हाथों के पंजों को पकड़ने का प्रयास न करें।

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