बाह्य प्राणायाम – Bahya Pranayam in Hindi – 7 Yoga Package

bahya

– विवरण –
इस प्राणायाम को करते समय फेफड़ों से हवा पूरी तरह से बाहर होती है इसलिए इसका नाम बाह्य प्राणायाम है।

– कैसे करें –
अपनी नाक के माध्यम से गहरी सांस लें।
पूरी सांस बाहर छोड दें। अपने शरीर से हवा पुश करने के लिए अपने पेट और डायाफ्राम का प्रयोग करें। यह साँस छोड़ना किसी भी तरह से आप के लिए असहज नहीं होना चाहिए।
अपने सीने को अपनी ठोड़ी स्पर्श करें और पूरी तरह से अपने पेट को अंदर और थोडा ऊपर की ओर खींच लें।
इस स्थिति को लंबे समय के लिए आरामदायक तरीके से करने के लिए अपनी सांस पकडिये।
फिर अपनी ठोड़ी धीरे से ऊपर उठाएं और धीरे धीरे में सांस लें। आपके फेफड़ों को पूरी तरह से हवा से भरलें।
इसे ३ से ५ बार दोहराएँ।

– लाभ –
पेट, हर्निया, मूत्रालय, गर्भाशय, गुर्दे की समस्याओं, मूत्राशय समस्याओं और सेक्स से संबंधित समस्याओं में लाभ होता है।

– सावधानी –
आम व्यक्ति पहले दो मिनट के लिए करें | फिर ५ मिनट तक करना शुरू कर देना चाहिए।
दिल और फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित मरीजों को विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में ही यह अभ्यास करना चाहिए।

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