भस्त्रिका प्राणायाम – Bhastrika Pranayam in Hindi – 7 Yoga Package

bhastrika

– अन्य नाम –
धौंकनी

– विवरण –
भस्त्रिका प्राणायाम में मुख्य रूप से गहरी सांस लेनी होती है। सांस पूरी अंदर लेनी है और बाहर छोड़नी है। बाहर छोड़ते वक्त जोरसे छोड़ें |

– कैसे करें –
एक आरामदायक आसन में सीधे बैठें।
दोनों नाक के माध्यम से गहरी श्वास लें और तेजी से साँस छोडें।
श्वास पेट के मध्य और निचले भागों के इस्तेमाल से नाक के माध्यम से साँस छोडें।
इसे ४ से १० बार कर सकते हैं |

– लाभ –
भस्त्रिका करने से फेफड़ों के लिए भरपूर मात्रा में ऑक्सीजन की आपूर्ति होती है।
यह श्वसन प्रणाली के विकारों को हटा देती है | दक्षता में सुधार और चेतना की शुद्धता को बढ़ाती है | शरीर में गर्मी पैदा करता है और भूख बढ़ जाती है | बलगम नष्ट कर देता है।
भस्त्रिका पाचन तंत्र, मधुमेह, साइनस आदि के लिए उपयोगी है |

– सावधानी –
आप धौंकनी की अपनी प्रारंभिक प्रैक्टिस में श्वास बहुत दूर धकेलने के प्रलोभन से बचे |
इसे अधिक मात्रा में करने से चक्कर आना, उनींदापन जैसी चीजें हो सकती है।

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