भुजंगासन – Bhujangasana in hindi – Ramdev Yoga

bhujangasana

– अन्य नाम –
पूर्ण नाग आसन, कोबरा पोज, नाग आसन

– विवरण –
यह एक बुनियादी योग आसन है। अगर आपकी पीठ कड़ी और कठोर नहीं है तो यह आसन करना बहुत आसान है। इस आसन के नियमित अभ्यास से बच्चे के जन्म, पाचन, कब्ज और रक्त परिसंचरण में लाभ मिलता है।

– खिंचाव तक पहुँचने के लिए –
पेट के बल फर्श पर लेट जाएँ और पैर सीधे रखें। अपने कंधों के नीचे अपनी हथेलियों को रख दें और फर्श पर अपने माथे को आराम से रखिये।
अपनी कोहनी शरीर के मध्य भाग को छूनी चाहिए।
सांस अंदर लेते हुए सिर और सीने  को नाभि क्षेत्र तक ऊपर की ओर उठाइए।
पैर की उंगलियों के सहारे से पैरों को कस कर पकडिये।
अपनी सांस पकड़ो और थोड़ी देर के लिए यही स्थिति बनाए रखें।

– सामान्य स्थिति में आने के लिए –
साँस छोडें और धीरे धीरे निचे आकर आराम से पेट के बल ही लेटें रहे |
अपने शरीर को ६-७ सेकंड के लिए आराम करने दें | सिर को फर्श पर अपने दांए या बाएं गाल के सहारे रख सकते हैं या अपनी हतेलियों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

– लाभ –
यह रीढ़ की हड्डी क्षेत्र में रक्त की आपूर्ति बढाता है और लचीलापन लाता है।
सिर, चेहरे, गर्दन, कंधे और छाती के साथ शरीर के ऊपरी क्षेत्रों में लाभदायक है और युवा रूप देता है।
कब्ज, अपच की मुसीबतों के लिए अच्छा है और इससे भूख बढ़ जाती है।

– सावधानी –
पेप्टिक अल्सर, हर्निया या अतिगलग्रंथि से पीड़ित लोगों के लिए नहीं है।
गर्भावस्था के दौरान कोबरा आसन का अभ्यास न करें।

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