मंडूकासन – Mandukasana in hindi – Ramdev Yoga

mandukasana

– अन्य नाम –
मेंढक आसन, मंडूक आसन

– विवरण –
इस आसन के नाम की वजह यह है कि इसे करते समय साधक का आकार मेंढक जैसा दिखता है। संस्कृत में मेंढक को मंदूक भी कहा गया है।

– खिंचाव तक पहुँचने के लिए –
दोनों पैरों को घुटने से पीछे मोड़ कर वज्रासन में बैठें।
पैरों के पंजे एक दूसरे को छूने चाहिए। पंजो के ऊपर सीधे बैठिये | अब जितना संभव हो घुटनों को एक दुसरे से दूर करें | इसे मंडूक की तरह बैठना कहते हैं |
अब मंडूकासन के लिए घुटने एक दूसरे को सामने लाईये | घुटने एक दूसरे को छूने चाहिए।
दोनों हाथों की मुट्ठी बंद करें और पेट पर नाभि के दोनों तरफ उन्हें रखें।
अब सामने शरीर को झुकाएं और जमीन को अपना माथा छूने की कोशिश करें।

– सामान्य स्थिति में आने के लिए –
पहले की स्थिति में वापस आ जाओ और आराम करो।

– लाभ –
मंडूकासन सभी अंगों के कार्य में सुधार लाता है। यह कब्ज, मधुमेह और पाचन विकार के उपचार में उपयोगी है।
यह जांघों, कूल्हों और पेट के वजन को कम करने में प्रभावी है।
यह लंगोटी के निचले हिस्सों को मजबूत करता है।
इससे यौन क्षमता बढ़ जाती है। यह महिलाओं की प्रजनन प्रणाली के दोष निकालता है।
यह पाचन तंत्र को उत्तेजित करता है।
जो लाभ पद्मासन देता है, वह इस आसन भी से प्राप्त किया जा सकता है।

– सावधानी –
ये उन लोगों के लिए नहीं है जो पेट की सर्जरी, गंभीर पीठ दर्द, हृदय की समस्या से पीड़ित हैं।

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