शशंकासन – Shashankasana in hindi – Ramdev Yoga

Shashankasana

– अन्य नाम –
चंद्रमा आसन, हरे आसन, शशांक-आसन, शशंक-आसन

– विवरण –
संस्कृत में शशांक का अर्थ है चंद्रमा इसलिए इसे चंद्रमा मुद्रा भी कहा जाता है।

– खिंचाव तक पहुँचने के लिए –
दोनों पैरों को घुटने से पीछे मोड़ कर वज्रासन में बैठें।
पैरों के पंजे एक दूसरे को छूने चाहिए। पंजो के ऊपर सीधे बैठिये |
अब घुटने एक दूसरे को सामने लाईये | घुटने एक दूसरे को छूने चाहिए।
दोनों हाथों को ऊपर उठा कर कानो से लगाकर सीधा ऊपर उठाए |
अब सामने शरीर को झुकाएं और जमीन को अपना माथा और हथेलियाँ छूने की कोशिश करें।

– सामान्य स्थिति में आने के लिए –
रिलीज करने के लिए, धीरे धीरे वज्रासन की सामान्य स्थिति में वापस लौटे। आप इस आसन को कम से कम ८-१० बार कर सकते हैं।

– लाभ –
यह पेट के रेक्टस मांसपेशी में फैलाव लाता है और पाचन में सुधार लाने में मदद करता है।
यह उच्च रक्तचाप के साथ कब्ज में लाभदायक है।

– सावधानी –
वापस उठकर बैठे बिना, अपनी स्थिति से एड़ियों को हिलाए नहीं।
जो लोग कूल्हे में दर्द से पीड़ित हैं, यह उनके लिए नहीं है।

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